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My College Days !!
कैसे भूलूं मैं तुझको सदा के लिए , मेरे जीवन मे जिसने ज़लाये दिए ।
१- मुझको याद आते है , मेरे कॉलेज के दिन, हम तो रहते ना थे , एक दूजे के बिन। होके एक पल जुदा , हम तड़प जाते थे , एक पल मे ही आंसू निकल आते थे ।
याद कर उन पलों को ही हम तो जिये , कैसे भूलूं मैं तुझको सदा के लिए , मेरे जीवन मे जिसने ज़लाये दिए ।
२- झूठे से हाथ देखा था मैंने यूं ही , तेरी गोरी कलाई थी थामी यूं ही। एक से एक थी हंसीं तेरी हर एक अदा, सोचता था तू मेरी रहेगी सदा ।
फ़िर कयों इतने सितम तूने हम पर किए , कैसे भूलूं मैं तुझको सदा के लिए , मेरे जीवन मे जिसने ज़लाये दिए ।
३- प्यार दिल का है सौदा ना दौलत का है , यूं ही बन जाता रिश्ता मोहब्बत का है। तुम हो धनवान, दिल मेरा अनजान था, वो तो दिल पर तुम्हारे मेहरबान था ।
ले लो सुख मेरे, दुःख दे दो मुझको प्रिये कैसे भूलूं मैं तुझको सदा के लिए , मेरे जीवन मे जिसने ज़लाये दिए ।
--श्रेय तिवारी (ब्रांच हेड) कम्पेअर इंफोबेस लिमिटेड 218, महेंदर चेम्बर्स, ड्यूक फैक्ट्री के सामने चेम्बूर, मुम्बई, 71 महाराष्ट्र
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