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Where is India going??
आज देश पर लगा देश का स्वाभिमान सेनानी , और पड़ा सोया तू कैसे जाग वीर बलिदानी !
1- भारत माँ ने था तुझको पौरुष का पाठ पढाया , बलिपथ पर तुने आगे ही आगे कदम बढाया ! लेकिन आज कौन सी तुझ पर हाय पड़ गयी छाया , सब कुछ लुटा जा रहा लेकिन होश ना तुझको आया !
रे दृग खोल और पढ़ पिछली गौरवपूर्ण कहानी , आज देश पर लगा देश का स्वाभिमान सेनानी , और पड़ा सोया तू कैसे जाग वीर बलिदानी !
2- विदेशियों के छदम जाल मे फंसा देश ये सारा, असम कटे और तमिल कटे , कटता कश्मीर हमारा ! भाई को भाई से अपने लड़वाते कटवाते, हाय हंत ! हम किंतु न उनकी चाल समझ है पाते !
अपने ही सब रिश्ते नाते टूट रहे जिस्मानी , आज देश पर लगा देश का स्वाभिमान सेनानी , और पड़ा सोया तू कैसे जाग वीर बलिदानी !
3- अपराधों का असुर चतुर्दिक झंडा गाढ़ रहा है , बहिन बेटियों की इज्जत से हो खिलवाड़ रहा है ! हा-हा कार मचा धरती पर, भारी मारा मारी , ऋषियों की संतानों तुम पर क्यों चढ़ रही खुमारी !
जाग राष्ट्र के पौरुष , जागे सोई हुई जवानी , आज देश पर लगा देश का स्वाभिमान सेनानी , और पड़ा सोया तू कैसे जाग वीर बलिदानी !
4- सूरज रुके , चन्द्रमा रोये , रीते सागर का जल, आज हवाओं ने करनी है फिर से कोई हल - चल ! इज्जत लगी दांव पर अपनी जागो उसे बचा लो, नयी विचार क्रांति का लाओ फिर से बिगुल बजाओ !
उदासीन अर्जुन फिर से पढ़ गीता वाली वाणी , आज देश पर लगा देश का स्वाभिमान सेनानी, और पड़ा सोया तू कैसे जाग वीर बलिदानी !
------श्रेय तिवारी , मुम्बई
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