|
Where are you ?
मैं जिनकी याद मे रोता हूँ ..., वो अब मुस्कुराते है .......!! दिये जलते है , उनके घर ..., अंधेरे हमको भाते है ......!!
१- सितारे आसमाँ मे देख कर ही रात काटी है ...., मेरी तनहाइयों ने ही मुसीबत साथ बांटी है .........! है पत्थर दिल सनम , वो मोम दिल बन जायेगे कैसे, अरे ओह बेवफा, दिल को बता समझायेंगे कैसे ....!!
आँख झपकी जो एक पल भी , उन्ही के ख्वाब आते है .! मैं जिनकी याद मे रोता हूँ , वो अब मुस्कुराते है ......!!!
२- उन्हें जिस राह पर मैं देखता हूँ , मुँह छिपाता हूँ ..., तेरे सुख चैन को अपनी नज़र से मैं बचाता हूँ .....!! सलामत तू रहे , घर वार तेरा सुखमयी होवे ....., ऐ प्रभु मेरे न उसकी आँख मे आंसू कभी होवे ....!!
सितम कितने किए तुने , रहम हम फिर भी खाते है ...! मैं जिनकी याद मे रोता हूँ , वो अब मुस्कुराते है ......!!! दिये जलते है उनके घर, अंधेरे हमको भाते है ......!!
-------श्रेय तिवारी , मुम्बई
|
|