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This for Her !!
मैं चाहता हूँ उनसे नजदीकियां बढ़ाना , दिल मुस्कुरा के लूटे , चाहे ना पास आना ।
1- पहली नज़र मे ही वो चुरा ले गई दिल को , नाम लिया बस उसका साँझ , सवेरे दिन को , जब भी नज़र मिलाई, गालों पे सुर्खियाँ थी, शरमाई कुछ लजाई नैनो की पुतलियाँ थी ,
मिलने को कैसे बोलूं , क्या मे करूँ बहाना . मैं चाहता हूँ उनसे नजदीकियां बढ़ाना ,
2- काली घटा का काजल नैनो मै है लगाती, सावन के मेघ को वो केशों से है बहाती.., दांतोंसे तब दबाये , चुन्नी का एक टुकडा , शर्मा के वो छुपाये चन्दा के जैसा मुखड़ा ,
कैसे उसे मना लूँ , आता नही रिझाना.., मैं चाहता हूँ उनसे नजदीकियां बढ़ाना ,
3- सूखा है रेत मन का , नदिया जरा बहा दो, सूना पड़ा बगीचा , कलियाँ भी अब खिला दो . मरता हूँ मैं तो उसकी , नाज़ुक सी सादगी पे , मांगू मैं बस खुदा से , आए वो जिंदगी मै ।
प्रभु प्रार्थना है मेरी , संजोग कुछ बनाना , मैं चाहता हूँ उनसे नजदीकियां बढ़ाना , दिल मुस्कुरा के लूटे , चाहे ना पास आना ।
----श्रेय तिवारी, मुम्बई
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